डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय महाविद्यालय, मुफ्तीगंज, जौनपुर, एक ऐसा शिक्षण संस्थान है जो शिक्षा और प्रगति की अलख जगाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। 2009 में स्थापित यह महाविद्यालय उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन संचालित होता है और अपनी स्थापना के समय से ही ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं और छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने में अग्रणी रहा है। यह महाविद्यालय जौनपुर के ब्लॉक मुफ्तीगंज के एक पिछड़े क्षेत्र में स्थित है, जहां की लगभग 80% छात्राएं हैं। इससे पहले, यहां की अधिकांश छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं, लेकिन इस महाविद्यालय की स्थापना ने उनके जीवन में शिक्षा का प्रकाश फैलाने का कार्य किया है।

4 एकड़ में फैले हरे-भरे परिसर में स्थित इस महाविद्यालय की सुंदरता, अनुशासन और आधुनिक सुविधाएं इसे विशेष बनाती हैं। महाविद्यालय में कला, विज्ञान और वाणिज्य के लिए तीन अलग-अलग भवन हैं, जो सभी दो मंजिला हैं। 2023 में इन भवनों को महाविद्यालय प्रशासन को हस्तांतरित किया गया। महाविद्यालय में छात्रों के लिए खेल का मैदान, साइकिल स्टैंड, पुस्तकालय (पुस्तक उधार देने की सुविधा के साथ), खेल-कक्ष, और लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग कॉमन रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। शिक्षा को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए दो स्मार्ट क्लासरूम भी हैं।

महाविद्यालय में वर्तमान में केवल कला और सामाजिक विज्ञान में स्नातक स्तर की शिक्षा दी जाती है। प्रारंभ में केवल 7 विषयों में पाठ्यक्रम संचालित किया जाता था, लेकिन बाद में 4 और विषय जोड़े गए। वर्तमान में 11 विभागों में स्नातक स्तर पर शिक्षा दी जाती है, और प्रत्येक विभाग में योग्य शिक्षक नियुक्त हैं। सभी शिक्षकों का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से ग्रुप-ए श्रेणी में किया गया है। इसके साथ ही, महाविद्यालय 8 विषयों में शोध कार्य (डॉक्टोरल प्रोग्राम) संचालित करता है।

महाविद्यालय में छात्रों के व्यक्तित्व विकास और सामुदायिक सेवा को बढ़ावा देने के लिए 2018 से दो सक्रिय एनएसएस इकाइयां (प्रत्येक में 50 विद्यार्थियों की क्षमता) कार्यरत हैं। रेंजर्स-रोवर्स कार्यक्रम के लिए प्रस्ताव विश्वविद्यालय को भेजा जा चुका है। महाविद्यालय विश्वविद्यालय परीक्षाओं के लिए एक नोडल केंद्र है और 10 किमी की परिधि में स्थित अन्य महाविद्यालयों की परीक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता है। यह महाविद्यालय जिला मुख्यालय से लगभग 13 किमी (हवाई दूरी) की दूरी पर स्थित है।

विज्ञान भवन में भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान के लिए 4 प्रयोगशालाएं हैं। कला भवन में गृह विज्ञान, भूगोल और शैक्षिक मनोविज्ञान के लिए 3 प्रयोगशालाएं हैं। वाणिज्य और विज्ञान के स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को न केवल शैक्षणिक ज्ञान बल्कि जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने का उद्देश्य रखता है। महाविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करना और उनके भविष्य को उज्जवल बनाना है। यही कारण है कि महाविद्यालय यूजीसी की 2बी और 12एफ प्रमाणन सूची में सम्मिलित है।

महाविद्यालय के छात्रों की उच्च शिक्षा की मांग को ध्यान में रखते हुए, जनवरी 2023 से उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (UPRTOU) के साथ साझेदारी में एक दूरस्थ शिक्षा केंद्र भी संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में 60 से अधिक छात्र-छात्राएं विभिन्न स्नातक और परास्नातक कार्यक्रमों में नामांकित हैं। इस सहयोग ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को उनके सपनों को साकार करने का एक नया मंच प्रदान किया है।

महाविद्यालय का नाम पहले “महामाया राजकीय डिग्री कॉलेज” था, जिसे 2012 में राज्य सरकार द्वारा बदलकर डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय महाविद्यालय रखा गया। यह नामकरण महान समाजवादी नेता और चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया के आदर्शों को समर्पित है, जिनका मानना था कि शिक्षा से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

इस महाविद्यालय की शिक्षा पद्धति केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के व्यक्तित्व विकास और जीवन के हर पहलू में सफलता प्राप्त करने के लिए उन्हें तैयार करती है। लश ग्रीन वाई-फाई युक्त परिसर, आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में यह महाविद्यालय छात्रों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करता है, जहां वे अपने भविष्य की मजबूत नींव रख सकें।

महाविद्यालय प्रशासन स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम के साथ-साथ परास्नातक पाठ्यक्रमों की मांग को भी गंभीरता से ले रहा है और इस दिशा में प्रयासरत है। छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए महाविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयास क्षेत्रीय विकास की ओर एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय महाविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह उन युवाओं की प्रेरणा भी है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत हैं। यहां की पढ़ाई, वातावरण और शिक्षकों की प्रतिबद्धता ने इसे क्षेत्र का एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बना दिया है। यदि आप शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को एक नई दिशा देना चाहते हैं, तो यह महाविद्यालय आपके लिए एक आदर्श स्थान है।

“ग्रामीण युवाओं को गुणवत्ता शिक्षा प्रदान कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सशक्त बनाना” यही हमारा ध्येय है। डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय महाविद्यालय आपका स्वागत करता है!

Dr. Ram Manohar Lohia Rajkiya Mahavidyalaya, Muftiganj, Jaunpur, India is a premier institution dedicated to fostering education and progress. Established in 2009, the college operates under the Government of Uttar Pradesh and has been a beacon of quality education for the rural youth since its inception. Located in a socially and economically backward region of Jaunpur’s Muftiganj block, the college primarily serves a student population where 80% are female. Prior to its establishment, the majority of young women in this area lacked access to higher education, rendering this institution a transformative boon for the community.

Spread over a lush green 4-acre campus, the college offers a serene and disciplined environment with modern facilities that enhance the learning experience. The campus houses three separate double-story buildings for arts, science, and commerce. The college administration officially took over these buildings in 2023. Facilities include a playground, a bicycle stand, a library with lending services, a sports room, separate common rooms for boys and girls, and two smart classrooms equipped with modern teaching tools.

Currently, the college offers undergraduate programs in arts and social sciences across 11 subjects. The college initially offered only seven subjects, but later added four more. A dedicated team of qualified faculty members appointed through the Uttar Pradesh Public Service Commission (UPPSC) under the Group-A category supports the college. Additionally, the college conducts doctoral programs in eight subjects, prioritizing academic excellence and research.

To cater to the overall development of students, the college has two active NSS units (with a capacity of 50 students each), operational since 2018. The university has received a proposal for the introduction of the Rovers and Rangers program. As a central center for university examinations, the college facilitates the examination needs of other institutions within a 10-kilometer radius. The district headquarters is approximately 13 kilometers (aerial distance) away from the college.

The Science building hosts four well-equipped laboratories for physics, chemistry, botany, and zoology, while the Arts building includes three laboratories for home science, geography, and educational psychology. Efforts are underway to secure state government approval for commencing undergraduate courses in science and commerce.

The institution’s primary objective is to empower rural youth with quality education and prepare them for future challenges. Recognized under UGC’s 2(b) and 12(f) certification, the college is committed to delivering academic excellence and fostering holistic development among students.

Recognizing the community’s demand for postgraduate programs, the college established a Distance Learning Center in collaboration with Uttar Pradesh Rajarshi Tandon Open University (UPRTOU) in January 2023. Currently, the college enrolls over 60 students in various undergraduate and postgraduate courses. This initiative has been particularly beneficial for young women aspiring to advance their education and achieve their goals.

The state government renamed the institution, formerly known as Mahamaya Government Degree College, to Dr. Ram Manohar Lohia Rajkiya Mahavidyalaya in 2012. This renaming pays homage to Dr. Ram Manohar Lohia, a visionary leader and social reformer who believed in education as a tool for societal transformation.

The college’s teaching methodology extends beyond textbooks, focusing on holistic personality development and equipping students to succeed in all aspects of life. The lush green Wi-Fi-enabled campus, state-of-the-art smart classrooms, and dedicated faculty provide students with an environment conducive to achieving their aspirations and building a strong foundation for the future.

The college administration is also striving to introduce postgraduate programs to meet the long-standing demands of the community. Its unwavering efforts aim to enhance educational opportunities and contribute to regional development.

Dr. Ram Manohar Lohia Rajkiya Mahavidyalaya is not just a center of learning but also a source of inspiration for young minds striving to realize their dreams. The institution’s focus on academic rigor, supportive infrastructure, and experienced faculty has established it as a leading educational institution in the region. If you aspire to shape your future through education, this college offers an ideal platform to achieve your goals.

“Empowering rural youth with quality education and preparing them for future challenges” remains our core mission. We warmly welcome you to Dr. Ram Manohar Lohia Rajkiya Mahavidyalaya!